Tech News : अरबों में खरीदा यह ऐप, अब क्यों बंद हो रहा है माइक्रोसॉफ्ट?

Microsoft ने आधिकारिक तौर पर SwiftKey कीबोर्ड के लिए समर्थन समाप्त करने की घोषणा की है।

आने वाले 5 अक्टूबर से आईओएस यूजर्स स्विफ्टकी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। रेडमंड स्थित टेक दिग्गज ने अपने सपोर्ट पेज पर इस जानकारी को अपडेट किया है।

CNET को दिए एक बयान में, माइक्रोसॉफ्ट के उत्पाद प्रबंधन निदेशक क्रिस वोल्फ ने कहा कि कंपनी एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर अपने ऐप का समर्थन करना जारी रखेगी।

वोल्फ ने यह भी कहा कि जो यूजर्स iPhone पर पहले से ही SwiftKey का इस्तेमाल कर रहे हैं

वे भविष्य में ऐसा कर पाएंगे। जब तक कि वे इसे खुद डिलीट न करें या नया आईफोन न लें।

हालांकि, आने वाले 5 अक्टूबर से ऐप आईओएस प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं होगा।

स्विफ्टकी की बात करें तो यह ऐप एंड्रॉयड और आईफोन पर काफी लोकप्रिय है।

यह कीबोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से टाइपिंग के लिए टेक्स्ट बताने में सक्षम है।

कीबोर्ड आपकी टाइपिंग की आदतों को समझकर आपको टाइपिंग के सुझाव भी दे सकता है।

यह ऐप यूजर्स को कई भाषाओं में टाइप करने की सुविधा भी देता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको भाषा बदलने की भी जरूरत नहीं है

ऐप कई तरह की थीम को भी सपोर्ट करता है। माइक्रोसॉफ्ट ने लंदन स्थित इस लोकप्रिय कीबोर्ड एप को 2016 में करीब दो हजार करोड़ रुपये में खरीदा था।

माइक्रोसॉफ्ट ने इसका स्पष्ट कारण नहीं बताया है। जानकारों की मानें तो ऐप को बेहतर क्रॉस प्लेटफॉर्म की कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

कुछ Reddit उपयोगकर्ताओं ने यह भी बताया कि iOS पर SwiftKey को पिछले एक साल से अपडेट नहीं किया गया है।

वहीं, हाल ही में कंपनी ने स्विफ्टकी के एंड्रॉयड वर्जन पर लगातार अपडेट दिए हैं। ऐसे ही एक अपडेट के बाद कॉपी किए गए टेक्स्ट को क्लाउड के जरिए कहीं भी एक्सेस किया जा सकता है।