पर्सनल लोन पाने की क्या है योग्यता, इसकी ब्याज दरों को कौन-कौन से फैक्टर प्रभावित करते हैं ?

पर्सनल लोन का आर्थिक संकट के समय में सहारा देने का बहुत बड़ा रोल होता है.  

यह एक ऐसा लोन होता है जिसके लिए कई बहुत बड़ी संपत्ति गिरवी या गारंटी के तौर पर नहीं रखनी पड़ती 

बैंक कुछ चीजें और आपकी लोन चुकाने की क्षमता देखकर लोन देता है. हालांकि  पर्सनल लोन के लिए कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट और योग्याताएं होनी जरूरी होती हैं 

पर्सनल लोन की ब्याज दरें वैसे ज्यादा होती हैं. अलग अलग बैंक की ब्याज दरें भी अलग होती हैं.  

अक्सर पर्सनल लोन की ब्याज कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है. हो सकता है एक ही बैंक अलग अलग ब्याज दर पर लोन दे 

आपका क्रेडिट स्कोर क्रेडिट स्कोर ये दर्शाता है कि व्यक्ति को पर्सनल लोन देने में कितना जोखिम है. 

तो अगर आपक क्रेडिट स्कोर कम है तो बैंक ज़्यादा जोखिम लेने के खामियाज़े के रूप में ज़्यादा ब्याज दरें भी लोन पर लागू कर देगा.  

इसलिए, हमेशा सलह दी जाती है कि 750 या ज़्यादा का क्रेडिट स्कोर बनाएं रखें. 

आपकी मासिक इनकम बैंक ये मानते हैं कि जिस आवेदक की इनकम ज़्यादा होगी वो लोन का भुगतान समय पर कर पाएगा.  

इसलिए, जिन लोगों की इनकम ज़्यादा होती है उन्हें पर्सनल लोन जल्दी और कम बताय दरों पर मिल जाता है.