गूगल असिस्टेंट का इस्तेमाल करते वक्त रहें सावधान, वरना उठाना होगा बड़ा नुकसान

आज के दौर में यूजर्स के डाटा कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पर जब  डाटा सुरक्षा की बात सामने आती है, तो फिर बड़ी-बड़ी तकनीकी कंपनियां तक  इसमें नाकामयाब हो जाती हैं 

यही वजह है कि आए दिन यूजर्स के डाटा लीक होते रहते हैं। बात डिजिटल या  वर्चुअल असिस्टेंट की करें, तो इसका उपयोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ा है 

आजकल स्मार्टफोन, स्पीकर, टीवी, कार आदि में इसका खूब उपयोग हो रहा है। ये कई मायनों में दोस्त की तरह होते हैं 

जो न सिर्फ पूछे गए सवालों के जवाब देते हैं, बल्कि इसकी मदद से कई तरह के कार्य भी किए जा सकते हैं। 

मगर वर्चुअल असिस्टेंट के उपयोग के दौरान थोड़ा सावधान रहने की जरूरत भी है, क्योंकि ये आपकी आवाज को रिकार्ड रखते हैं।  

कई बार कंपनियों पर आरोप भी लग चुके हैं। इनकी मदद से वे यूजर्स की आवाज को सुनते भी हैं। 

ऐसे में अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित रहते हैं और लगता है कि वायस रिकार्डिंग का गलत फायदा उठाया जा सकता है 

 तो फिर वर्चुअल असिस्टेंट द्वारा रिकार्ड की जाने वाली वायस रिकार्डिंग को रोक या फिर उसे डिलीट भी कर सकते हैं। 

अगर अपने एंड्रायड फोन पर 'हे गूगल' वायस कमांड को लेकर सहज नहीं हैं, तो फिर सेटिंग्स से इसे बदल भी सकते हैं।  

इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाने के बाद गूगल के विकल्प को चुनें। फिर इसमें नीचे की तरफ 'सेटिंग्स फार गूगल एप्स' पर जाना है।