मानसून की कई समस्याओं का एक समाधान है गिलोय, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल 

गिलोय (Giloy) एक ऐसा पौधा है, जो सदियों से पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक फार्मेसी का एक अभिन्न अंग रहा है।  

आयुर्वेद में गिलोय (Giloy in Ayurveda) को अमृत माना जाता है। मानसून में  गिलोय (Giloy in monsoon) का सेवन आपको कई समस्याओं से बचा सकता है 

यह आपका इम्यून सिस्टम मजबूत कर आपके संपूर्ण शरीर को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करता है। 

गिलोय (Giloy) एक ऐसा पौधा है, जो सदियों से पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक फार्मेसी का एक अभिन्न अंग रहा है। 

गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीटॉक्सिक,  कैंसर-निवारक, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी, एंटी-इंफ्लेमेट्री और दर्द को कम करने  वाला गुण भी हो सकता है। 

ऐसे कई कारक हैं, जो गिलोय को स्वस्थ त्वचा, मजबूत बाल और वेट लॉस के लिए फायदेमंद बताते हैं।  

पर ये सब फायदे आपको तभी मिल सकते हैं, जब आप इसका सही तरह से इस्तेमाल करें।  

गिलोय एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है, जो  हानिकारक फ्री रेडिकल्स को कम करता है। ये ऑक्सीडेटिव तनाव का कारण बनते  हैं, जो त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। 

गिलोय का अर्क महीन रेखाएं और पिंगमेंटेशन को हटाता है। यह पिंपल्स, स्किल डिजीज, एक्जिमा आदि को भी दूर करने में मदद करता है।  

चेहरे के पोर्स को डिटॉक्सीफाई करने में  भी गिलोय बहुत फायदेमंद हो सकता है। गिलोय में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते  हैं। यह झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। इससे त्वचा कोमल, चमकदार और  साफ होती है