किसानों पर महंगाई की मार! डीजल व बीज के बाद अब उर्वरक हुआ महंगा, जानें नई कीमत?

किसानों की जेब में एक बार फिर से बोझ बढ़ गया है। पहले से ही ट्रैक्टरों की जुताई एवं बीज के बढ़े दामों से परेशान किसान के लिए डीएपी की खरीदी भी अब मुसीबत भारी हो गई है

कंपनियों ने डीएपी की कीमत में वृद्धि करते हुए 50 किलो उर्वरक की जो बोरी पहले 12 सौ रुपए में मिलती थी उसके लिए आप किसानों को 1350 रुपए भुगतान करने पड़ेंगे। 

मसलन एक कुंटल डीएपी में अब 300 रुपए भुगतान ज्यादा करने पड़ेंगे। कंपनियों ने डीएपी की कीमत में वृद्धि किस वजह से की है यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। 

सूत्रों का कहना है कि खाद बनाने में उपयोग आने वाले रा मटेरियल की कीमत बढ़ जाने की वजह से डीएपी के दामों में वृद्धि की गई है। 

गौरतलब है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे किसानों के लिए अब खेती काफी महंगी हो गई है।  

उल्लेखनीय है कि छोटे किसानों को भी कम से कम दो से तीन बोरी डीएपी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में उनके लिए 300 से 400 का अतिरिक्त खर्च आ जाएगा।  

बताया गया कि 2 साल के बाद डीएपी के दामों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी की गई है कीमत बढ़ने के बाद रीवा जिले में अभी डीएपी नहीं आई है 

कुल मिलाकर जिले में अब डीएपी की रैंक बढ़ी हुई कीमतों के साथ आएगी। गौरतलब है कि कंपनियों के द्वारा पहले से ही डीएपी के दाम बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई थी  

कलेक्टर ने डीएपी एवं यूरिया के अग्रिम भंडारण करने के निर्देश भले ही दिए रहे हो लेकिन दाम बढ़ने की वजह से डीएपी की आवक कम हो गई।