चाणक्य नीति: यदि आप दुखों से मुक्ति चाहते हैं तो आचार्य चाणक्य की यह कहावत हमेशा दिमाग में रखें

आचार्य चाणक्य ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपनी पुस्तक नीति शास्त्र में कई उपयोगी बातें कही हैं।  

आज हम आपको आचार्य द्वारा कही गई कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएंगे, जो कदम दर कदम आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं।

आचार्य ने कहा है कि सभी दुखों की जड़ अत्यधिक आसक्ति है।  दुख से बचना है तो आसक्ति का त्याग बहुत आवश्यक है।  

जो व्यक्ति अपने परिवार से बहुत जुड़ा होता है, वह हमेशा भय और पीड़ा में रहता है।  

लेकिन जिसने हर पल को त्योहार बना लिया है, यानी खुशी से जिया है, जिसने शिकायतों को कम किया है

और हर छोटी उपलब्धि के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया है, वह भी दुख से डरता है।

आचार्य ने नीति शास्त्र में कहा है कि राजा की शक्ति उसकी मजबूत भुजाओं में होती है

ब्राह्मण की शक्ति उसके आध्यात्मिक ज्ञान में होती है और स्त्री की शक्ति उसकी सुंदरता, युवावस्था और मधुर वाणी में होती है

ये लोग कुछ भी हासिल कर सकते हैं अगर वे अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करें।