Chanakya Niti: शादी के लिए लड़की की सुंदरता ही नहीं ये 7 गुण भी रखते हैं मायने

आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य  श्रेष्ठ रणनीतिकार, कूटनीतिज्ञ, राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे। 

उन्होंने जीवन के तमाम पहलुओं का न सिर्फ गहनता से अध्ययन किया और लोगों को अपनी योग्यता और क्षमता से अवगत कराया।  

आज के समय में भी उनकी कही बातें सटीक बैठती हैं। महान राजनीतिज्ञ और  कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्‍य ने बालक चंद्रगुप्‍त मौर्य को समूचे भारतवर्ष का  सम्राट बना डाला था।  

ऐसे में उनकी नीतियां न सिर्फ शासन के लिए बल्कि मनुष्य के जीवन में काफी मददगार साबित होती हैं। 

में मनुष्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई जरूरी सुझाव दिए गए हैं। कहते  हैं जो व्यक्ति इनकी नीतियों का अनुसरण कर लेता है उसके जीवन की कई  परेशानियों का अंत हो जाता है।  

चाणक्य नीति में धर्म, धन, स्त्री, करियर, दोस्तों और शादीशुदा जिंदगी से  जुड़ी बातों का भी जिक्र किया गया है। चाणक्य नीति से मनुष्य को इस बात की  समझ मिलती है 

कि उसे किस परिस्थिति में कैसा आचरण करना चाहिए। ऐसे में चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में जीवनसाथी चुनने को लेकर कई बातें बताई हैं। 

आचार्य चाणक्य का कहना है कि अगर किसी को अच्छा जीवन साथी मिल जाय तो जीवन  संवर जाता है। विवाह के लिए अच्छा, संस्कारी जीवनसाथी मिलना बहुत किस्मत की  बात होती है।  

विशेष रूप से सर्वगुण सम्पन्न लड़की से विवाह होने से न सिर्फ लड़के की बल्कि पूरे परिवार की किस्मत बदल जाती है। चाणक्य नीति 

के मुताबिक किसी भी पुरुष को उसी लड़की से विवाह करना चाहिए, जिसमें कुछ  विशेष गुण हों। सुंदरता के आधार पर लिया गया निर्णय जीवन भर पछतावे का कारण  बन सकता है।

चाणक्य नीति के अनुसार स्त्री की सुंदरता के मोह में पड़कर यदि किसी विवाह  का निर्णय लिया गया है तो यह व्यक्ति की बड़ी भूल साबित हो सकती है। 

आचार्य चाणक्य का कहना है कि सदैव अपने कुल परिवार और रीति रिवाज के अनुसार विवाह करना चाहिए। हर कुल में एक नियम है  

विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्य के संबंध में आचार्य चाणक्य का स्पष्ट कहना है  हमें शादी के लिए जीवनसाथी का चयन करते समय सूरत किस जगह संस्कारों पर  ध्यान देना चाहिए।  

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवनसाथी का चयन करते समय हमें यह निश्चित कर लेना चाहिए कि बोलचाल का तरीका अच्छा हो। इतना तो पता ही  

जीवन में कई ऐसे पड़ाव आते हैं जब व्यक्ति विचलित हो जाता है। उसे कुछ नहीं  सुझता। इसीलिए लाइफ पार्टनर को चुनते समय एक दूसरे को जांच लेना चाहिए कि  उसमें धैर्य कितना है।