Chanakya Niti: इन तीन गुण वाले लोगों से दूर रहती हैं विपत्तियां, जीवन में नहीं होती धन और मान सम्‍मान की कमी

आचार्य चाणक्‍य का मानना है कि व्‍यक्ति की प्रमुख इच्‍छा जीवन में धन कमाने के साथ समाज में मान-सम्‍मान पाना होता है

लेकिन इन दोनों प्रमुख चीजों को पाने के लिए तीन  ऐसे गुण हैं, जिससे अपनाना जरूरी है। जिन लोगों में ये गुण होते हैं, उनके  जीवन में कभी धन और सम्‍मान की कमी नहीं होती है। 

आचार्य चाणक्य के सूत्र आम जीवन को भी बदलने की क्षमता  रखते हैं। चाणक्य द्वारा लिखी गई नीतिशास्‍त्र लोगों को सफल और सुखद जीवन  पाने के कई रास्‍ते बताती है। 

चाणक्‍य नीति में नें लोगों को धन हानि से बचने और धनवान बनने के भी तरीके  बताए हैं। यदि चाणक्‍य नीति की इन बातों को जीवन में उतार लिया जाए तो  व्‍यक्ति कभी मुसीबतों में भी नहीं फंसता है।  

नीतिशास्‍त्र के अनुसार, कुछ ऐसे गुण हैं, जिन्‍हें सभी व्‍यक्ति को अपने  जीवन में अपनानी चाहिए। इससे व्‍यक्ति को न केवल बेशुमार धन-संपत्ति मिलती  है, बल्कि उसे उसे मान-सम्‍मान  मिलता है। 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिन लोगों में दूसरों की मदद करने का गुण होता है और जो अपने दिल में दूसरों के प्रति अच्‍छा भाव रखते हैं 

उनके जीवन की सारी विपत्तियां अपने आप नष्ट हो जाती हैं। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए हर कोई तैयार रहता है।  

ये लोग अपने जीवन में हर सुख भोगते हैं। इन्‍हें जीवन में सफलता मिलने के साथ समाज में मान-सम्‍मान मिलता है।  

आचार्य चाणक्‍य के अनुसार, परोपकार के कार्यों में लगे रहते हैं और समाज के प्रति अपना दायित्‍व निभाते हैं।