अपनाएं इन पक्षियों के आसान गुण, कभी नहीं रुकेगी तरक्की

आजकल हर कोई तरक्की पाना चाहता है। कोई प्रगति के लिए गलत रास्ता चुनता है तो कोई ईमानदारी और मेहनत से मंजिल तक पहुंचना चाहता है।

वहीं देश के महान अर्थशास्त्री और विद्वान आचार्य चाणक्य ने जीवन में सफल होने और आगे बढ़ने के लिए कुछ नीतियां बताई हैं।

ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इन नीतियों को अपने जीवन में लागू करता है उसे आजीवन सफलता मिलती है।

जो लोग इन नीतियों को अपने जीवन में लागू करते हैं, वे सभी बाधाओं को दूर करते हैं और प्रगति के शिखर पर पहुंचते हैं।

आचार्य चाणक्य के अनुसार छोटी से छोटी चींटी भी व्यक्ति को दिन-रात अथक परिश्रम करना सिखाती है।

वैसे ही हमारे आस-पास कई ऐसे जीव हैं, जिनसे हम सीख लेंगे तो बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे।

आपको बता दें कि आचार्य चाणक्य भारत के एक महान अर्थशास्त्री, राजनयिक और राजनीतिज्ञ रह चुके हैं।

चाणक्य ने अपनी नीतियों में कोयल के गुणों को लेकर बड़ा बयान दिया है। चाणक्य ने एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा है कि मधुर वाणी मनुष्य का सबसे सुंदर रत्न है।

उनका कहना है कि जिस तरह कोयल बोलने से पहले बहुत शांत रहती है और जब बोलती है तो बहुत मीठा बोलती है।

चाणक्य के अनुसार मीठी वाणी मित्रों को आमंत्रित करती है जबकि तीखी वाणी शत्रुओं को आमंत्रित करती है।

चाणक्य कहते हैं कि जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को बगुले जैसा बनना चाहिए।

बगुला अपनी सभी इंद्रियों को नियंत्रण में रखना जानता है। और ऐसा किए बिना कोई भी इंसान सफल नहीं हो सकता है।

चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का मन बहुत चंचल होता है। शायद ही किसी काम पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

ध्यान करने के लिए बगुले से सीखना चाहिए। मन को एकाग्र करने से किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।