4 स्टेज का होता है कैंसर, हर स्टेज में दिखाई देते हैं अलग लक्षण

बदलती दिनचर्या और खान-पान में अनियमितता के चलते इन दिनों कई लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं

दरअसल, कैंसर जैसी बीमारी तब शुरू होती है जब कोशिका के एमएनए में म्यूटेशन मौजूद होता है।

जब हमारे शरीर की कोशिका में उत्परिवर्तन होता है तो शरीर की कोशिका अनियंत्रित रूप से विभाजित और बढ़ने लगती है। ये अनियंत्रित कोशिकाएं कैंसर का रूप ले लेती हैं।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में मरीज को तभी पता चलता है, जब वह आखिरी स्टेज में पहुंच जाता है।

दरअसल, कैंसर की शुरुआत से ही हमारा शरीर कुछ संकेत देने लगता है, लेकिन शरीर के इन संकेतों को हम सामान्य दर्द या बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

अगर हम इन संकेतों को समझ लें और समय पर पूरा चेकअप करवा लें तो कैंसर को पहले चरण में ही फैलने से रोका जा सकता है।

कैंसर की शुरुआत में कुछ लोगों को शरीर में ऐंठन का दर्द महसूस होता है, जो सामान्य शारीरिक दर्द जैसा लगता है।

कैंसर रोग को 1 से 4 चरणों में बांटा गया है। प्रत्येक चरण में अनियमित रूप से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं का आकार अलग होता है।

कैंसर की स्टेज ट्यूमर के बढ़ने और हुए नुकसान के आधार पर तय होती है। डॉक्टर भी कैंसर के चार चरणों के आधार पर इलाज करते हैं।

कीमोथेरेपी कैंसर के चरण के आधार पर की जाती है। कभी-कभी बिना कीमोथेरेपी के इसका इलाज किया जाता है।

शरीर के किसी भी हिस्से में लंबे समय तक दर्द - छाती, फेफड़ों में दर्द या सिर दर्द, पेट दर्द की लगातार समस्या होना।

- लंबे समय तक खांसी रहना। बलगम और खून के साथ खांसी। अगर पेशाब में खून की समस्या हो रही है तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत है।