Banned PUBG App: प्रतिबंधित पबजी तक बच्चों की पहुंच कैसे, एनसीपीसीआर ने मंत्रालय से पूछा

NCPCR ने इलेक्ट्रानिक्स और इनफार्मेशन टेक्नोलाजी मंत्रालय से पूछा है कि  प्रतिबंधित पबजी गेम अभी भी भारतीय नाबालिगों को कैसे उपलब्ध है?

हाल ही में आनलाइन गेम पबजी खेलने से रोकने पर लखनऊ में 16 साल के लड़के के  अपनी मां की गोली मारकर हत्या करने के बाद से पबजी के खिलाफ फिर से चर्चा  शुरू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने बच्चों पर फितूर सवार करने वाले आनलाइन गेम पबजी और कई अन्य को ब्लाक कर दिया था।

सरकार ने माना था कि यह आनलाइन गेम देश की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा तंत्र को प्रभावित करते हैं।

लेकिन पिछले ही हफ्ते लखनऊ में एक किशोर ने पबजी खेलने से रोकने पर अपनी मां की हत्या कर दी थी।

आयोग ने इस बात की भी अपील की है कि ऐसी घटनाओं पर क्या कार्रवाई की जा रही है

साथ ही मंत्रालय से ऐसे सभी आनलाइन गेमों की सूची दस दिनों के अंदर मांगी  है जो नाबालिगों तक प्रतिबंधित या निषिद्ध होने के बावजूद पहुंच रहे हैं।

इसके अलावा, आयोग ने भारतीय ओलिंपिक संघ (आइओए) के अध्यक्ष को भी पत्र  लिखकर पूछा है कि पबजी को ई-स्पोर्ट के तौर पर मान्यता मिलने लगी है।

इसी के साथ ओलिंपिक काउंसिल आफ एशिया ने भी इसका संज्ञान लेना शुरू किया है।

पत्र   में कहा गया है कि "उक्त संबंध में यह अनुरोध किया जाता है कि आयोग को  वर्तमान स्थिति के बारे में सूचित किया जा सकता है कि क्या आपके संगठन  द्वारा PUBG या किसी अन्य समान ई-गेम को मान्यता दी गई है

यह अनुरोध किया जाता है कि आयोग को ऐसे खेलों के बारे में सूचित किया जा  सकता है जो हैं इस पत्र की प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर नाबालिगों द्वारा  उनकी पहचान की स्थिति के साथ उपयोग किया जा रहा है।'